दिमाग में कई तरह के विचार आते रहते हैं | ये आपको तय करना है कि मेरे विचार कैसे हों |
अपने दिमाग को अगर सुंदर हरा-भरा, फूलों से सुसज्जित एवं सुगन्धित एक बगीचे की तरह रखोगे तो जीवन में खुशहाली भर उठेगी |
लेकिन इसी में अगर नीच विचार आने लगे तो ये कचरे के ढेर के समान हो जायेगा जिससे लोग केवल घृणा ही करते हैं |

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